24-Jul-2010

"तुम्हारे बाबा"

तुम्हारे बाबा अब ठीक नहीं हैं
सारी यादें अब उनकी खो गयी हैं
बस तुम ही याद आते हो
वह कुछ नहीं करतें
बस तुम्हे याद करते हैं

ना शब्द कोई शेष बचे हैं
ना भावनाएं कोई व्यक्त करने को
बस तुम्हे याद करते हैं
छियासी वर्ष के हो चले हैं
पर अब व्यक्त भाव हैं
छह वर्ष के बालक से


तुम्हे पुकारते हैं
तुम्हे चाहते हैं
सारा परिवार पास है
तुम्हारी कमी खलती
अरसा हो गया
तुम गए, ना आये
तुम्हे किसी ने वनवास नहीं दिया
तुम गए थे
एक आज्ञाकारी पुत्र की भाँती
अब तुम बड़े हो चुके हो

तुम्हारे भी
एक सुन्दर बेटा है
वह तो खाली मन से हैं
बच्चों की तरह खेलते हैं
हमेशा ढूँढ़ते हैं
अपने मनीष को
वह तुम्हे शायद अब
अपनी बात ना व्यक्त कर पायें
ना समझा पाएं
पर तुम्हारी जरुरत है उन्हें

वह तुम्हे मिलने को आतुर हैं
हर पल, हर लम्हा
आओ उन्हें मिल जाओ
जैसे तुम बिछड़े ही नहीं

शायद तुम्हे भी सुकून मिले
तुम्हारी भी पीड़ा कम हो जाए
शायद तुम भी जी उठो एक बार फिर ....

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